नवीन मुस्कान
नवीन मुस्कान
पगली मुस्कान सदा नवीन होती है।एक मुस्कुराहट ही तो है जो नवीनता लेकर आती है।
हाँ सखी ,जानती क्यों ??
नवीन वे ,नवीन ही उनका ख़्याल
नवीन उनका रंग रंगाव
नवीन स्पर्श करती चेतना को दे जाए अनुपम नवीन अहसास
नवीन उनकी माधुरी
नवीन नवीन साथ .....
उसी नवीन संग से खिलती नवीन मुस्कान ..हर दिवस नवीन सखी ,जव नवीन का हो दिल में ख़्याल....
एक नवीन ख़्याल ,जो दे जाती नवीन मुस्कान .....
एक मुस्कान ही तो हैं जो सदा नवीन नवीन होती ,क्योंकि वो नवीन से मिल कर आती ,
नवीन से छूट कर आती .....
पगली तेरी नवीन मुस्कान...
तेरे शब्दों तेरे ख़्यालों में बिखर कर आती ,उनकी मीठी मीठी बातों को लेकर आती ।
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ज़िंदगी मुस्कुराना चाहती है
ज़िंदगी खिलना चाहती है
इसीलिए ज़िंदगी तुम्हारे लिए कहीं से प्यार चुरा कर लाती है।
प्यार ही से मुस्कुराहट है
प्यार ही से जीवन में हर नवीन अन्दाज़ हैं
इस अन्दाज़ में ज़िंदगी जीना चाहती
प्रेम ही प्रेम हो
जब ख़्याल प्रेम हो
प्रेम का ख़्याल ही तो मुस्कुराता है .....
नवीन मुस्कान ...
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