ख्याल और प्यार
ख़्याल और प्यार
जब तुम संग न हो तो तुम्हारा ख़्याल संग हैं ..
जब तुम संग हो तो फ़िर तुम्हारा प्यार संग हैं ..
ख़्याल ए संग में हम कितने एक हो जाते हैं ..
और प्यार के संग में सिर्फ़ प्यार रह जाते हैं ..
पास हो या दूर बात नज़र के तसल्ली की हैं ..
दर्शन तो बंद आँखो में ही हो जाता हैं
बात पूरी दिल्लगी की हैं ..
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