रस स्वभाव
रस स्वभाव
सखी रस का अद्भुत स्वभाव!!!!
एक ही रस , स्त्रैंण में गम्भीर होता है ,
और पुरुष में अधीर और उतावला हो जाए
विचित्र बात इस रस की सखी !!!
तभी रस नायिका गम्भीर होती हैं
और रस नायक अधीर और प्रेम उतावला ।
इसी कारण श्री लाल ज़ू में सदैव रस आवेश ,प्रेम आवेश रहता हैं
और प्रिया जु का प्रेम उनके आवेश के कारण और और गम्भीर होता रहता है
गम्भीर क्यों है ??
जानती हो सखी
श्री लाल सदैव शिशु रस हैं श्री प्रिया के ,सोचो एक छोटी मीन क्या सम्पूर्ण सागर को थाम पाएगी
क्योंकि वह ख़ुद सागर के भीतर है बस सागर की लहरों से खेल सकेगी पर सागर को झेलने की सामर्थ्य न उसमें
इसी कारण श्री प्रिया का प्रेम गम्भीर हैं !!!!
श्री वृंदावन 🙏🌺
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