आदर

आदर

आदर का अर्थ प्रणाम या सत्कार नहीं 
आदर का अर्थ की अपने इष्ट की किसी भी बात का अनादर न हो 
   हर बात का उनका स्वागत हो हर्ष से ,यह ही आदर है।

आदर भी उधर ही होता है जिधर पूर्ण प्रेम है ।
प्रेम में ही आदर है और सत्कार  और स्वागत है ...
श्री हित हरिवंश जू का प्रथम पद
 
   जोई जोई प्यारों करे सोई मोहि भावे

जो प्रेमास्पद की रुचि है
वही मेरी भी रुचि 

यह प्यार है
और यह ही आदर भी 

श्रीश्यामाश्याम 🙏🌺🙏

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