मुस्कुराहट
मुस्कुराहट
श्रृंगार रस सार ......खिलखिलाहट
नव केलियों के सुआगमन की ख़बर लाती मुस्कुराहट ..
हाँ सजनी यह मुस्कुराहट ....
नवीन केलि कौतुकों के उमगते भावों को खिलाने आती यह मुस्कुराहट
हाँ सखी यह नवल मुस्कुराहट ..
प्रीती का प्यार ,प्रकृति का विलास ,रोमांचित अट्टहास यह मुस्कुराहट ..
विस्मृत को भी आत्मविस्तृत कर देती उज्ज्वल उज्ज्वल मुस्कुराहट ..
विजय का डंका लेकर घूमती विचरती सूरत मैदान में यह मदमाती मुस्कुराहट ..
हाँ सहेली यह मुस्कुराहट ..
रति केलि का प्रथम सोपान
युगल मिलन की प्रथम रति कला यह मुस्कुराहट ..
श्रृंगार रस में सजी .अनुरागी रस पिलाती यह खिली मुस्कुराहट ..
समस्त विहार का आहार
प्रेमी का जीवन प्रेमास्पद की मुस्कुराहट.
हाँ युगल सहचरी यह मुस्कुराहट ...
मदन कलाओं की कुशलता
युगल प्रेम का मधुर मौन संदेश यह मुस्कुराहट ..
ऐ री सखी तुम जानती हो यह मुस्कुराहट क्या है !!!!
यह दो रस प्रसूनों की फूलन दशा है.. रस पंखुड़ियों के झूमने का समां है ..
यह श्री प्रिया जू का निज प्रेम श्रृंगार है
जो ललित सुख हेतु खिलता फिर खिलाता हैं ...
श्री प्रिया ज़ू की मंद मुस्कुराहट ...
मुस्कुरा कर इशारा करती
रुचि के प्राणों का पोषण करती
यह विलसनी प्रेम प्रवीणा मुस्कुराहट ...
हाँ सखी यह फूलती फूलिनी खिलखिलाती ,मुस्कुराहट ...
श्री वृंदावन ☘️🙏☘️
Comments
Post a Comment