इबादत और मोहब्बत

इबादत और मोहब्बत

हम इबादत करते हैं
  वे मोहब्बत करते हैं 
   इबादत एक मुक़ाम तक बात बनाती है
पर आगे का रास्ता मोहब्बत ही बनाती है ...
   उनकी मोहब्बत ही हमको उनतक पहुँचाती हैं उनका कर देती हैं 

जहाँ स्वयं भी शेष नहीं रहा 
वही मोहब्बत मोहब्बत सिर्फ़ मोहब्बत रह गई ..

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