निराला प्रेम

निराला प्रेम
प्रेम की बात कितनी निराली सखी ..
प्रेमी ही सर्वोपरी पात्र आदर का ..
और आदर ही तुच्छ प्रेम में ,
  ओह विचित्र मर्यादा इस प्रेम की 

श्री हरिदास 
🙇‍♀️🙏🌷

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