प्रेम अनुगमन
प्रेम में अनुगमन होता हैं
प्रेम में अनुसरण होता हैं
प्रेम में ही अनुग्रह होता हैं
हाँ हम सब सखी बनी हीं उनके अहैंतु की कृपा उनके सघन लाड़ का अनुभव करने के लिए
सो सखी ख़ूब ख़ूब प्रिया हेत प्रीतम के सुख की अनंत अनंत भावना भरो श्री प्रिया ज़ू का अनंत अनुग्रह अपनी सखियों के लिए ही बरस रहा हैं
उस वर्षण में आओ री मिल मिल भीगे उनका सुख अनुराग रचे गूँथें गाए झूमे और उन्हें भी झुमाएँ
यह ही तो प्रेम हैं न री ..
हितचाह हैं न री ...
जय जय श्री प्रेम महामहोत्सव श्री हित वृंदावन 🍀🙇♀️🍀
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