शरारते मोहब्बत
शरारते मोहब्बत शराफत ही है
क्योकि दिल में वे इबादत की मूर्ति ही हैं
इबादत इबादत में रूह और भी शबनमी हुई ,
अलबत्ता शरारते और भी हसीन हुई ..
शराफत :- पवित्र
इबादत :- प्रेम
मोहब्बत :- प्रिती
शरारत :- केलि किलोल,रस विलास
हसीन :- नवीन हुई
नवीन अनुरागों ,रागो, सुरंगों, तरंगों, सुगंधों ,में
विलसित हुई बहती रही नव नव पुलकित प्रेम परस में
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