टूटेंगी हदें

नही भरता कभी प्यार 
चाहे दूर हो या पास 
    पाकर भी लगा कि अभी मिला ही नही 
दूर से बस लगी थी एक मिलन की आस 
यह मिलन  कभी बुझती नही 
बुझती न ही इसकी आस और प्यास 
    अश्क ही उतर आए हैं इस मिलन की  उतावली में 
  देर नही होगी बस  थोड़ा और सब्र बस थोड़ा और सब्र 

हदे टूटेंगी 
तब तक बस ..

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