प्रेम हर्ष
*प्रेम हर्ष*
प्रेम का हर्ष ही वह हिंडोरा है जिस पर प्रेम झूलता है ।
प्रेम का हर्ष ,प्रेम का प्रेम में एकमेएक होना ,परस्पर एकदूसरे में सराबोर हो जाना ..
एकदूसरे में रङ्ग जाना भर जाना होरी हो जाना ..
हर्ष ,रसों की होरी है प्रेम के रंग की
श्री वृन्दावन
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